नींद
गर्भावस्था और खर्राटे
नाक बंद होने और वजन बढ़ने से खर्राटे आना आम है — जानें कब यह स्लीप एपनिया का संकेत हो सकता है।
गर्भावस्था के दौरान कई महिलाओं को पहली बार खर्राटे आने लगते हैं — नाक बंद होना (जिसे प्रेगनेंसी राइनाइटिस कहते हैं) और वजन बढ़ना, दोनों ही इसके मुख्य कारण हैं। करवट लेकर सोएं, बिस्तर के सिरहाने को थोड़ा ऊपर उठाएं और सोने से पहले सेलाइन नेज़ल स्प्रे का इस्तेमाल करने की कोशिश करें।
बेडरूम में ह्यूमिडिफायर का उपयोग करने से, खासकर सर्दियों में, नाक की जकड़न कम हो सकती है। डिकंजेस्टेंट नेज़ल स्प्रे से बचें; इनमें से कुछ गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित नहीं होते और इनके इस्तेमाल से समस्या और भी बढ़ सकती है।
अगर खर्राटे बहुत तेज़ हों, सोते समय सांस फूलने लगे, या दिन भर बहुत ज्यादा थकान महसूस हो, तो अपनी अगली डॉक्टरी जांच में इसका जिक्र जरूर करें। गर्भावस्था में स्लीप एपनिया की पहचान अक्सर समय पर नहीं हो पाती है, जबकि यह हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज से जुड़ा हो सकता है — लेकिन सीपीएपी (CPAP) या सोने के सही तरीके (पोजीशनल थेरेपी) से इसका इलाज संभव है।
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यह सामग्री केवल जानकारी के लिए है और चिकित्सा सलाह नहीं है। अपनी गर्भावस्था या शिशु की सेहत से जुड़े किसी भी सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।
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