पोषण
क्रेविंग्स का मतलब समझें
नमकीन और मीठा खाने की इच्छा का क्या मतलब होता है — और वे चीजें जो खाना नहीं हैं, पर उन्हें खाने का मन करे तो डॉक्टर को कब बताएं।
क्रेविंग्स अक्सर बदलते हार्मोन्स की वजह से होती हैं, न कि किसी खास पोषक तत्व की कमी के कारण। फिर भी, कुछ संकेत मिलते हैं: नमकीन खाने की इच्छा का मतलब अक्सर इलेक्ट्रोलाइट्स या तरल पदार्थों की कमी हो सकता है; मीठा खाने की इच्छा ब्लड शुगर कम होने या थकान का संकेत हो सकती है। अपनी क्रेविंग्स को समझदारी से पूरा करें। रात के 3 बजे अचार खाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन हर रात ढेर सारी आइसक्रीम खाने से जेस्टेशनल डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है। 80/20 नियम अपनाएं: 80% पौष्टिक खाना खाएं और 20% वह जो आपका मन करे। ऐसी चीजें जो भोजन नहीं हैं — जैसे बर्फ, चॉक, मिट्टी या लॉन्ड्री स्टार्च — इन्हें खाने की इच्छा को पिका कहा जाता है और इसके लिए डॉक्टर से बात करना जरूरी है। ये अक्सर आयरन या जिंक की कमी का संकेत होते हैं और ब्लड टेस्ट से इनकी जांच करानी चाहिए।
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यह सामग्री केवल जानकारी के लिए है और चिकित्सा सलाह नहीं है। अपनी गर्भावस्था या शिशु की सेहत से जुड़े किसी भी सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।
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