माता-पिता की देखभाल
डिलीवरी के बाद रिकवरी, हफ्ते दर हफ्ते
जानें कि हर हफ्ते शरीर में क्या बदलाव आते हैं और 6 हफ्ते वाला चेकअप क्यों जरूरी है।
डिलीवरी के बाद की रिकवरी एक महत्वपूर्ण मेडिकल प्रक्रिया है, चाहे डिलीवरी नॉर्मल हो या सिजेरियन। 4 से 6 हफ्तों तक ब्लीडिंग (लोचिया) होना सामान्य है, जो धीरे-धीरे लाल से गुलाबी और फिर पीले रंग की हो जाती है। टांकों में दर्द, पेट में मरोड़ (खासकर स्तनपान के दौरान) और बहुत ज्यादा थकान महसूस होना सामान्य है।
सिजेरियन रिकवरी में चीरे की देखभाल भी शामिल है: इसे साफ और सूखा रखें, 6 हफ्तों तक बच्चे से भारी कोई भी चीज़ न उठाएं, और लालिमा, पस, बुखार या बढ़ते दर्द पर नज़र रखें। दोनों ही मामलों में 6 हफ्ते बाद डॉक्टर से मिलना जरूरी है—भले ही आप बिल्कुल ठीक महसूस कर रही हों।
शरीर की ताकत धीरे-धीरे वापस आती है। कम से कम 8 हफ्तों तक पेट की एक्सरसाइज (क्रंचेस) न करें (पहले डायस्टेसिस की जांच कराएं) और शुरुआत पैदल चलने से करें। पेल्विक-फ्लोर फिजिकल थेरेपी के बारे में डॉक्टर से पूछना एक अच्छा विचार है—यह यूरिन लीक होने, पीठ दर्द और शारीरिक संबंध के दौरान होने वाले दर्द में मदद करती है।
माता-पिता की देखभाल
यह सामग्री केवल जानकारी के लिए है और चिकित्सा सलाह नहीं है। अपनी गर्भावस्था या शिशु की सेहत से जुड़े किसी भी सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।
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